
गुडी पडवा...चैत्र मास का पहला दिन...जो की हिंदी कैलेंडर के नए साल का पहला दिन है....इसे महाराष्ट्र में नए साल के रूप में मनाया जाता है....इस दिन को शादी,नए काम शुरू करने,गहने और नयी संपत्ति खरीदने के लिए शुभ माना जाता है...गुडी पडवा एक ऐसा त्यौहार है...जिसकी शुरुवात कड़वा खाकर की जाती है...आज के दिन नीम की पत्तियाँ खाई जाती हैं...कहा जाता है...नीम की पत्तियाँ खाने से मन के अन्दर की सारी कडवाहट मिट जाती है....वैसे ये भी माना जाता है कि आज के दिन सुबह खाली पेट ७ कोमल नीम की पत्तियाँ और थोड़ी काली मिर्च खाने से साल भर बुखार नहीं होता॥
आज के दिन गुडी बनाकर उसकी पूजा की जाती है...जिसके लिए एक साडी को पूरी तरह पटली बनाकर एक लोटे में लकड़ी के सहारे खड़ा किया जाता है...इसे अपने घर में आँगन,छत या दरवाजे पर लगा कर पूजा करते हैं..इसमें बताशे की माला चढ़ाई जाती है....और पूजा की जाती है.....महाराष्ट्र में न केवल घरों में बल्कि दुकानों में भी इस तरह से गुडी बनाकर पूजा की जाती है...आज पूरनपोली भी बनाई जाती है...
मेरी और से सभी को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं....आज नवरात्री का पहला दिन भी है....आज के दिन महाराष्ट्रियन त्यौहार के बारे में कुछ ज्यादा लिखने की चेष्टा की है...जो भी देखा वैसा ही लिखा.....कोई गलती हो गयी हो तो माफ़ करने के साथ ही सुधार भी करें....वैसे किसी की भावनाओं को ठेस पहुचने के बारे में....सोचा ना था....