Wednesday, May 6, 2009

एक रुपए की कीमत

आजकल की आम कहावत है कि,एक रुपए में क्या आता है?या एक रुपए से कुछ फर्क नही पड़ता....वगैरह,वगैरह ....लेकिन आज इसी एक रुपए ने अपनी ताकत और ज़रूरत ज़ाहिर कर दी है.पिछले कुछ दिनों से पुणे में ऑटो के किराए में एक रुपए कि कटौती करने के कारण ऑटोवालों ने हड़ताल कर दी है.ऑटो यूनियन के हेड भूख हड़ताल पर बैठे हैं ,और अप्रत्यक्ष रूप से कई और लोगों को भी न चाहते हुए भूख हड़ताल करने पर मजबूर कर रहे हैं.वैसे ये भूख हड़ताल करने वाले जानते हैं कि नही पता नही;लेकिन इनकी वजह से कई लोग परेशानी का सामना कर रहे हैं.......ये लोग केवल आम जनता ही नही बल्कि अपने यूनियन के ही लोगों को भी परेशान कर रहे हैं ,कई ऐसे ऑटो चालक भी हैं;जो रोज़ की कमाई पर घर चलाते हैं औरआज ये लोग एक रुपए के इस बखेडे की वजह से एक-एक रुपए को मोहताज हो गए हें.इस हड़ताल को ख़त्म करना चाहते हुए भी वे यूनियन के दबाव में इसमें शामिल होने को मजबूर हैं,इस एक रुपए के झगडे में कोई भी नही झुकना चाहता...........न ही ऑटो यूनियन ......न ही बड़े अधिकारी....केवल गरीब ऑटो वाले और आम जनता ही आपस में सुलह करना चाहती है.........कि कभी तुम्हारे पास मेरा एक रुपए............कभी मेरे पास तुम्हारा एक रुपए ......वैसे भी हमेशा से तो ऐसा होता ही आया है.........आज ये बात जब नियम बना दी गई तो ये हड़ताल का कारण बनी......शायद इसलिए क्यूंकि लोग नियमों को तोड़ने और बदलवाने में हमेशा आगे रहना चाहते हैं."हमेशा से अपने बड़ों से सुना था,कि एक रुपए से कोई अमीर-गरीब नही होता",लेकिन कभी एक रुपए के लिए ये सब भी होगा......सोचा था....

4 comments:

  1. बात एक बूँद(एक रुपये) की कहाँ है, यह उस सागर की बात है जो इन एक एक बूँदों से बना है और बनेगा.

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  2. सच में एक रूपए की कीमत होती है ..

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  3. यदि एक रुपया कम मिले तो वह कीमती, जब एक रुपया कम देना हो तो कोई कीमत नहीं होती।
    घुघूती बासूती

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